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Blinkit, Zepto और Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल, सर्वे में बड़ा खुलासा

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ऑनलाइन किराना खरीदारी में ग्राहकों को बेस्ट बिफोर डेट नहीं दिखने की शिकायत बढ़ी है। सर्वे में कई बड़े प्लेटफॉर्म पर FSSAI और लीगल मेट्रोलॉजी नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं।

देश में ऑनलाइन किराना खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है। कुछ मिनटों में घर तक सामान पहुंचाने वाली क्विक डिलीवरी सेवाओं ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बना दी है, लेकिन इसी सुविधा के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल सामने आया है। एक सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बड़ी संख्या में ऑनलाइन किराना खरीदने वाले ग्राहकों को उत्पादों की ‘बेस्ट बिफोर’ या इस्तेमाल की अंतिम तारीख की जानकारी साफ तौर पर दिखाई नहीं देती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उनके घर पहुंचने वाला पैकेटबंद खाद्य पदार्थ कितने समय तक सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है।

लोकल सर्किल की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार, ऑनलाइन किराना खरीदने वाले करीब 48 प्रतिशत ग्राहकों ने बताया कि उन्हें खरीदारी के दौरान कई बार उत्पाद की बेस्ट बिफोर डेट दिखाई नहीं देती। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के प्रमुख ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म में से कई पर खाद्य उत्पादों की जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के नियमों के पालन को लेकर कमी देखी गई है।

ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ी सुविधा, लेकिन बढ़ी जिम्मेदारी

पिछले कुछ वर्षों में क्विक कॉमर्स कंपनियों का विस्तार तेजी से हुआ है। लोग दूध, दाल, आटा, मसाले, स्नैक्स, पैकेज्ड फूड और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें मोबाइल ऐप के जरिए मंगाने लगे हैं। पहले जहां ग्राहक दुकान पर जाकर पैकेट को हाथ में लेकर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट देख सकते थे, वहीं ऑनलाइन खरीदारी में यह सुविधा कई बार सीमित हो जाती है।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय ग्राहक को यह जानने का अधिकार है कि उत्पाद कब बनाया गया है और उसकी उपयोग की अंतिम सीमा क्या है। यदि यह जानकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होगी तो ग्राहक सही फैसला नहीं ले पाएगा।

FSSAI और लीगल मेट्रोलॉजी के नियम क्या कहते हैं?

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों की बिक्री और लेबलिंग को लेकर कई नियम बनाए हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स के लिए भी जरूरी है कि उपभोक्ता को उत्पाद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल माध्यम पर दिखाई जाए।

नियमों के अनुसार ऑनलाइन बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की जानकारी में ‘बेस्ट बिफोर’, ‘यूज बाय’ तारीख और अन्य जरूरी विवरण स्पष्ट होना चाहिए। इसके अलावा पैकेज्ड कमोडिटी नियमों के तहत भी ई-कॉमर्स कंपनियों को उत्पाद की जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाना अनिवार्य है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल यह लिख देना कि किसी उत्पाद की शेल्फ लाइफ इतनी है, पर्याप्त नहीं है। ग्राहक को यह भी पता होना चाहिए कि वह उत्पाद किस तारीख को तैयार हुआ और उसकी अंतिम उपयोग सीमा कब खत्म होगी।

कई बड़े प्लेटफॉर्म पर उठे सवाल

सर्वे में दावा किया गया कि देश के आठ प्रमुख ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म में से पांच पर नियमों के पालन को लेकर कमी पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्लेटफॉर्म पर सभी उत्पादों के साथ बेस्ट बिफोर तारीख स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी।

सर्वे में कुछ प्लेटफॉर्म ऐसे भी बताए गए जहां उत्पादों की जानकारी अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं कुछ क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर केवल शेल्फ लाइफ जैसी जानकारी दिखाई जाने की शिकायत सामने आई।

हालांकि कंपनियां समय-समय पर अपने सिस्टम में सुधार करने का दावा करती रही हैं और उनका कहना है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं।

ग्राहकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

ऑनलाइन किराना खरीदते समय ग्राहकों को कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। सबसे पहले ऑर्डर करने से पहले उत्पाद की पूरी जानकारी देखनी चाहिए। यदि किसी पैकेटबंद खाद्य पदार्थ की निर्माण तिथि या बेस्ट बिफोर डेट उपलब्ध नहीं है तो ऐसे उत्पाद को खरीदने से बचना बेहतर है।

घर पर सामान पहुंचने के बाद भी पैकेट को खोलने से पहले उसकी तारीख जरूर जांचनी चाहिए। यदि कोई उत्पाद खराब स्थिति में मिले, पैकेट फूला हुआ हो या तारीख संदिग्ध लगे तो तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

इसके अलावा ग्राहकों को केवल कम कीमत या तेज डिलीवरी देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ऑनलाइन किराना बाजार में पारदर्शिता की जरूरत

क्विक कॉमर्स सेक्टर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में ऑनलाइन किराना खरीदारी और भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे ग्राहकों को हर उत्पाद की सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी नियमों का विषय नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की जानकारी उतनी ही स्पष्ट होनी चाहिए जितनी किसी दुकान पर पैकेट देखकर मिलती है।

ग्राहकों की जागरूकता और कंपनियों की जिम्मेदारी से ही ऑनलाइन किराना बाजार को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।

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 सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी

ऑनलाइन किराना सेवाओं ने खरीदारी का तरीका बदल दिया है। अब लोग समय बचाने के लिए मोबाइल ऐप से घर बैठे सामान मंगा रहे हैं। लेकिन सुविधा के इस दौर में उपभोक्ता सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

खाद्य उत्पादों पर बेस्ट बिफोर तारीख केवल एक जानकारी नहीं होती, बल्कि यह ग्राहक के स्वास्थ्य से जुड़ा अधिकार है। यदि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी साफ नहीं दिखाई जाती तो उपभोक्ता सही निर्णय लेने से वंचित हो जाता है।

कंपनियों को चाहिए कि वे अपने ऐप पर हर खाद्य उत्पाद की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। वहीं सरकार और संबंधित एजेंसियों को भी नियमित निगरानी जारी रखनी होगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

ऑनलाइन बाजार का भविष्य भरोसे पर निर्भर करता है। तेज डिलीवरी के साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना ही किसी भी प्लेटफॉर्म की असली सफलता होगी।

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